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पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में व्यवसायियों ने की दुकानें बंद

गोपालगंज : शहर में आज दूसरे दिन भी हड़ताल के चलते बाजार की सभी दुकानें बंद रखी गयी. वहीं बंद सभी दुकानों के आगे शटर पर झूठे मुकदमे में निर्दोषों को फंसाने के विरोध में अनिश्चितकालीन बंदी आदि के पोस्टर लिखा चिपकाया गया. शहर के हजियापुर मोड़ से होते हुए थाना चौक, थाना चौक से लेकर ब्रह्म स्थान, यादोपुर चौक से लेकर मौनिया चौक, मेन रोड होते हुए घोष मोड़, अम्बेडकर चौक, जंगलिया मोड़, पोस्ट ऑफिस चौक होते हुए बंजारी मोड़ सहित सभी प्रमुख चौक-चौराहे व गलियों की सभी दुकाने बंद है. जिसके चलते शहर में खरीदारों की चहलकदमी भी काफी कम दिखाई दे रही है. बाजार एकदम शांत दिखाई दे रहा है.

वहीं हड़ताल को लेकर नगर थाने की पुलिस काफी अलर्ट दिख रही है. हर चौक-चौराहों से लेकर गली में भी काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है. साथ ही कई थानों के थानाध्यक्ष तथा व्रज वाहन भी में लगाए गए है. जिसमें थावे थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार, यादोपुर थानाध्यक्ष राकेश मोहन, विशम्भरपुर थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह नगर के दरोगा नवीन कुमार, अमरेन्द्र कुमार, उदय कुमार समेत अन्य पुलिस के जवान गश्त करते दिखाई दे रहे है. जिसको लेकर चारों तरफ कर्फ्यू सा माहौल दिख रहा है.

ज्ञात हो कि दुर्गापूजा प्रतिमा विसर्जन के दरम्यान नगर थाने के तुरकहां पुल के पास दो पक्षों के बीच झडप, पथराव व आगजनी की घटना हुई थी. जिसमें कई गाड़ियों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था. इसको लेकर नगर थाने में 200 नामजद और सैकड़ों लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. वहीं प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस लगातार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही थी. जिसमें 3 दर्जन से ऊपर लोगों को पहले ही गिरफ्तार भी किया जा चूका है.

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इसी दौरान गत कुछ दिनों पहले नगर थाने के आगे रखी जब्ती की गाड़ियों को भी कुछ असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया. जिसमें पुलिस ने अज्ञात दो दर्जन से ऊपर लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की और रात-दिन दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने लगी. इसी बीच पुलिस ने जिला पार्षद सदस्य, भाजपा कार्यकर्ता व व्यवसायी सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया. जिसका विरोध लोगों ने पुरजोर तरीके से किया और अपनी-अपनी दुकानों को बंद करने का ऐलान किया.

पूर्व जिला पार्षद ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि यह बंदी स्वस्फूर्त है. जिनके दुकान-प्रतिष्ठान है, सबों ने अपने-आप दुकानों को बंद किया है. सिर्फ इसलिए कि लोगों को पुलिस पर से भरोसा उठ गया है. पुलिस आए दिन रातों को भी लोगों को उठा ले जा रही है तथा उनके साथ मारपीट कर रही है. साथ ही जिनका नाम कहीं से मुकदमे में नहीं है उनको जबरन मुक़दमे में घसीट रही है. जिसके चलते लोगों में भय और आतंक है.

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